नवरात्रि के पावन पर्व पर आदि शक्ति मॉं भवानी को समर्पित भजन-----
करणी का गुणगान करें हम, करणी महिमा गाऍं,
करणी चिरजा गाते -गाते , करणीमय बन जाऍं,
करणी दीप जलाऍं
मॉं की ऊर्जा पाऍं
करणी आभा पाऍं
करणीमय बन जाऍं
देशनोक की पुण्य धरा पर, मंदिर मॉं के जाऍं।
मॉं के दर्शन पाकर हम सब, शक्तिमान बन जाऍं।
काबा के संग खेले बच्चे, खुशियॉं मन ना समाए-----करणी चिरजा ---
मॉं करणी को टीको सोहे, गल पुष्पन की माला।
हाथ में सोहे लाल चूड़, और शीश पे मुकुट निराला
लाखी लोवड़ी धार के मैया, कर में त्रिशूल सजाए----करणी चिरजा -----
सिंह सवारी आए मैया, दुष्टों को संहारे
बाबा भैरव के दर्शन कर, हो जाए मतवारे
धोलागढ़ की महिमा देखें, सांवली दर्श दिलाए -----करणी चिरजा -------
रिश्तो की प्रिय डोर संभालो, हमको जल्दी बुलाओ।
अपनी ममता के ऑंचल में, सुख की नींद सुलाओ
माता का दरबार निराला, मन में मोद मनाएं -----करणी चिरजा -----
मॉं का मंदिर आठ अजूबा, सभी देखने आते
देश -विदेश की धरती पर भी, करणी के गुण गाते
काबों का ये महल अनूठा, विश्व में छवि बनाएं -----करणी चिरजा -----
दूर- दूर से आते यात्री, तेरी शरणागत में
खुशियों से झोली भर जाए, मॉं तेरे प्रांगण में
आसमान में ध्वजा निराली, कनका मन हर्षाए -----करणी चिरजा ------
करणी का गुणगान करें हम ------
कनक पारख
विशाखापट्टनम
तर्ज -----मायनी मांय मुंडेर पे ----