1 2 4966 1 4966 निश्चल छन्द! सादर समीक्षार्थ निश्चल छंद: सच अडा-खड़ा है कोने में, डर कर आज।झूठा बड़ा-चढ़ा कर बोले, बिगाड़ काज।।सब गुलाम, कर सलाम खोले, कभी न राज।बाहुबली पर गिरती कब है, न्यायिक गाज।स्वरचित मौलिक रचना कुसुम अशोक सुराणा, मुंबई, महाराष्ट्र Label Directed by द्वारा कुसुम सुराणा Shared31 May 2025 Start 31 May 2025 End 31 May 2030 The Critic’s Corner इस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें Jain Mikhil 14-Aug-2025 Comment Like वाह! सुन्दर Chavi Jain Dhabaria 03-Jul-2026 Comment Like बहुत बढियाँ निश्चल छन्द! © टिप्पणी 400 characters remaining जमा करें रद्द करें