नवरात्रि उत्सव

लावणी छंद मुक्तक 

दीप जले हैं अनगिन तेजस, चहुँ दिशि फैला उजियारा,
माता रानी के स्वागत में, हर्षित, पुलकित जग सारा,
उत्सव उमंग, उल्लास भरा, माता दर्शन अभिलाषा~
बेला मंगल दुर्गोत्सव की, ज्योतिर्मय हिय शुभकारा।।

स्वरचित मौलिक रचना 
चंचल जैन
मुंबई, महाराष्ट्र

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