खिले बाल मन


 
बाल दिवस की खिलखिलाती 
शुभकामनाएं।

खिले बाल मन! 

बाल दिवस पर करे खूब धमाल, शोर,
झूम-झूमकर नाचे, गाये जैसे वन में मोर।।

चहुंके पंछी से, सुस्वर कूके कोयल से,
मीठी वाणी, मधुर रस-भीनी हो जैसे ।।

हाथ धरें अपने मित्र, सखा सुदामा का,
दे मुस्कान सौगात, खजाना खुशी का।।

उड़ाये गुब्बारें रंगबिरंगे आसमान में,
पांखें फैलाएं हम सपनों की दुनिया में।।

साथ चले हमराही सारे, बिना भेद के,
बांटे खुशियां, गीत गुनगुनाये नेह के।।

थामे नन्हें हाथ कलम और किताब, 
जीवन हो खुशहाल, इंद्रधनु-सी आब।।

शिक्षा, ज्ञान भंडार से हो सब मालामाल,
बरसे परमानंद, रूमझुम चहके हर बाल।।

खिले कलियां, हर्ष सौरभ ले पवन लहरे,
महके मुस्कान, सच हो सपने सारे।।

नौनिहाल मुख पर खिलखिलाहट खनके,
बालमन में उमंग उल्लसित कुंभ छलके।।

स्वरचित  मौलिक  रचना
चंचल  जैन
मुंबई,  महाराष्ट्र

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