नव वर्ष की शुभकामनाएँ! अवनि ने लहराया आंचल, 
मानस-पटल पर खिले कमल दल!
नक्षत्रों से सजा नभ श्यामल,
निशा-कुक्षी में पले बिंब उज्जवल !
प्राची के अधरो पर कोमल,
ओस-बिंदू ने छिड़का गुलाब जल!

सहस्त्र रश्मि-यान में हो सवार,
नववर्ष-तोहफा लाया है सूरज!
नए हैं साथी, नई हैं राहें!
नए हौसलें, नई उड़ानें!
नई मंजिलें, नई कोशिशें!
नई जिंदगी, नएं हैं सपने!
नई सुबह के नएं नजारे!
नई ज्योति के नएं उजियारें!

जीवन उपवन में खिली-खिली हैं,
नव वसंत की नई कोंपले!
जीवन पुस्तिका पर चढ़ी जिल्द है,
सजाओ मनवा रंग सजीले!

जीवन-रंगमंच का नया अंक है...
यारों! दिखा दो हुनर,अदाकारी! 
हौसला जीवन में अग्नि-पंख है..
यारों! भरों उड़ान दिखा दिलदारी!

स्वरचित मौलिक रचना
कुसुम अशोक सुराणा, मुंबई, महाराष्ट्र

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