मेरी नानी
मेरी नानी 

चुरमा लड्डू मीठे-मीठे,
गोलमटोल बनाती नानी।।

खूब खेलो, करो पढ़ाई, 
मीठी बातें करती नानी।। 

नानी खिलाती मेवा मलाई, 
रोज सुनाती नई कहानी।।

पेड़ पौध पर प्यार जताती,
नवांकुर को सहेजती नानी।।

जल को व्यर्थ न गंवाना बच्चों,
डाँट-डपट कर भगाती नानी।।

गलती पर मिल जाती माफी,
आँचल में छुपाती नानी।।

सबसे प्यारी, सबसे न्यारी 
सबसे अच्छी मेरी नानी।।

रुआब तो देखो कितना है,
जैसे हो कोई महारानी।।

स्वरचित बाल गीत
चंचल जैन
मुंबई,  महाराष्ट्र
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