4 6 6589 4 6589 देखो आलम बेफिकरी का आलम तो देखो,देखकर भी अजनबी से निकल गये।अनहद प्यार की ऋतु हुई रुसवा,बगिया में शूल ही शूल उग आये।।चंचल जैन Label Directed by द्वारा चंचल जैन Shared11 Jan 2025 Start 11 Jan 2025 End 11 Jan 2030 The Critic’s Corner इस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें Khushi Jain 18-May-2025 Comment Like बहुत ही दिल को छू लेने वाली Manali Jain 05-Jun-2025 Comment Like क्या खूब लगती है, बड़ी सुन्दर दिखती है ❤️❤️❤️❤️ Tanu Jain 02-Nov-2025 Comment Like बधाई हो! Manish Jain 08-Jan-2026 Comment Like क्या खूब लगती है, बड़ी सुन्दर दिखती है ❤️❤️❤️❤️ Yuvit Sonu Jain 24-Apr-2026 Comment Like वाह खूब! ❤️🙏❤️🙏❤️🙏❤️ Vibha Jain 27-Jun-2026 Comment Like बहुत सुन्दर पंक्तियाँ! बधाई! देखो आलम © टिप्पणी 400 characters remaining जमा करें रद्द करें