कुंडलिया छंद रचना बांटे जन धन रेवडी, हम भी धोले हाथ।
जनता की चिंता नहीं, मांगे नेता साथ।।
मांगे नेता साथ, करे मन भाते वादे।
व्यर्थ न जाये वोट, ध्यान रखना शहजादे।।
मतदाता अब सोच, समझ कर नेता छांटे।
लोकतंत्र अवमान, करे जो रुपया बांटे।।

चंचल जैन
इस पर लोग क्या कह रहे हैं