जीवन के सत्संग में चलते जाना सीख लिया
हर मुश्किल बाधा को पार लगाना सीख लिया
जाने और अंजाने में प्यार निभाना सीख लिया
अनजानी राहों में फिर से राह बनाना सीख लिया
गिरते संभलते रिश्तों को धागों में पिरोना सीख लिया
खुशी में हंसना सीख लिया और दुख में रोना सीख लिया
माया की इस नगरी में एकांत में होना सीख लिया
खुद को पाना सीख लिया और खुद को खोना सीख लिया
हर मुश्किल बाधा को पार लगाना सीख लिया
जीवन के सत्संग में चलते जाना सीख लिया