Only In Your Arms Last Chapter
Ab Aage ___
आयु की इस हरकत देख कर जय अपने गले से उस की दोनों बांहे झटकते हुए खुद से दूर करता है। ओर उसे देख कर दांत पीसते कर पूछता है __" आखिर तुम चाहती क्या हो।"
"शादी करनी है मुझे तुम से" आयु ने बेहद ही प्यार से जवाब दिया।
"लेकिन मुझे तुम से शादी नहीं करनी है ये बात तुम्हे ओर मॉम को समझ में क्यों नहीं आती है। देखो आयु! शादी कोई बचपना नहीं है इट्स big responsibility!!!! ओर मुझे तुम्हारे साथ शादी कर के अपनी लाइफ खराब नहीं करनि हैं।"जय ने उसे कहा।
जिसे सुन कर आयु कुछ नहीं कहती हैं जिसे देख कर जय उसे घूर कर वहां से चला जाता है।
जिस के बाद आयु मुंह बना कर कहती है।
" ये तो सच में पहले से भी ज्यादा खडूस हो गया है। मम्मा ने सही कहा था कि जय को पाने के लिए मुझे बहुत कुछ करना होगा।"
वही दूसरी तरफ
वीर गुस्से में मुंह फूला कर अपने रूम मे परेशान हो कर बैठा हुआ था।
क्योंकि उसे समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करे।
कैसे आयु की शादी अपने भाई के साथ कराने से रोके।
" आखिर मॉम ऐसा कैसे कर सकती हैं!
I know उन्हें आयु की फिक्र है वो उसे प्यार करती है और वो उस की शादी कराना चाहती है। लेकिन भाई क्यों?
क्या मॉम को मेरा ख्याल नहीं आया कि मैं उन्हीं का बेटा हूं। ओर आयु की शादी वो मेरे साथ भी कर सकती थी न तो भाई से क्यों कराना चाहती है।
भाई को आयु पसन्द भी नहीं है। ओर न ही आयु को भाई,
इनफेक्ट आयु ओर भाई एक दूसरे से बहुत अलग है।
भाई को तो आयु के सुपर हीरो का नाम भी पता नहीं है और न ही ये पता हे कि आयु की क्या पसन्द है। किस चीज से आयु को गुस्सा आता है। "
वीर जो खुद से ही सवाल करते हुए आयु ओर जय के बीच में फासला बता रहा था ।
क्योंकि वीर को आयु की ही एक पसन्द के साथ उस की एक एक आदत पता थी।
वीर ये ही सोच रहा था कि वह अपनी मॉम को अब कैसे कहे कि वह आयु को लाइक करता है और वो खुद आयु से शादी करना चाहता है।
जो वो कह पाएगा वह पता नहीं?"
रात के समय ___जय जिस की कार एक बड़े से हॉस्पिल के बाहर आ कर रुक जाती हैं। जिस से जय अपनी कार से बाहर निकल कर आता है और गुस्से भरे एक्सप्रेशन के साथ भारी कदमों के साथ हॉस्पिल की बिल्डिंग के अंदर जाने लगता है।जहां आ कर जय सीधा एक केबिन में आ जाता है जहां एक उस की हम उम्र का लड़का अपनी मास्टर चेयर पर वाइट कोट पहन कर सामने बैठे हुए अपने पेशेंट से कुछ बात कर ही रहा था कि तभी जय उस के वाइट कोट के कॉलर को पकड़ कर गुस्से में उसे उस की चेयर से सीधा खड़ा कर देता है जिस से वह लड़का थोड़ा सा घबरा जाता था क्युकी इस वक्त जय की आंखे उसे जान लेवा नजरो से बुरी तरह से घूर रही थी जिस से वह लड़का अपना स्लाइवा गटक कर पहले अपनी पेशेंट को डरते हुए थोड़ा हंस कर जाने के लिए बोल देता है।जिस के बाद वो लड़का जय को कुछ कहने के लिए मुंह खोल रहा था कि तभी जय उस के मुंह पर पंच मार कर उसे जमीन पर गिरा देता है।
जिस से वह लड़का जय को देख कर बोलता है __" जय तूने मुझे मारा क्यों? मैं तेरे बेस्ट फ्रेंड होने के साथ इस हॉस्पिटल का हेड ओर एक डॉक्टर हूं, थोड़ी सी तो इज्ज़त का ख्याल रख लें मेरा। मैं..."
"जस्ट शट अप आदि !!सब कुछ तेरी वजह से हुआ है।तेरी वजह से मैने अपना इतना टाइम वेस्ट किया उस बेफकुफ लड़की के साथ लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। वो उल्टा मुझ से शादी करना चाहती है।"जय ने फेस्टरेट होते हुए आदि से कहा जो जय का बेस्ट फ्रेंड था।जिस ने जय को कहा था कि वो अगर आयु से शादी नहीं करना चाहता है तो उस के लिए उसे आयु को इंप्रेस करना होगा जो उस की बात मान कर खुद ही इस शादी से मना कर दे। लेकिन जैसा उस ने जय के पास प्लान किया था वैसा आयु ने बिल्कुल भी नहीं किया था।जिस से जय आदि पर भड़का हुआ था।
वही अब आदि पूरी बात जान कर थोड़ा सा हैरान था और तभी जय से थोड़ी दूरी बना कर हैरानी से कहता है!
" क्या आयु ने कहा कि वो तुझ से शादी करना चाहती है।"
"नहीं मैं मरा जा रहा हूं उस से शादी करने के लिए! बस तेरा ही वैट कर रहा था कि तू फिर से कोई प्लान बना कर मेरी शादी करवा दे। " जय ने दांत पीसते हुए गुस्से में कहा।
क्योंकि इस से पहले जय ने आयु के साथ एक दिन टाइम स्पेंड जो किया था वो सारा प्लॉन आदि का था। जिस ने जय को एडवाइस दी थी कि वह आयु को अच्छे से इंप्रेस कर के बहला फुसला कर शादी कर इंकार करने के बोल सके।
"तू गुस्सा क्यों हो रहा है? प्लीज थोड़ा शांत हो जा, मुझे कुछ सोचने का वक्त दे। मैं तेरे लिए !"
आदि आगे कुछ बोल पाता तभी जय उसे गुस्से में कहता है।" अपना मुंह बंद कर समझा, तेरी वजह से मैने बहुत कुछ टॉलरेट कर लिया है। तो अब मुझे तेरी कोई हेल्प नहीं चाहिए। वैसे भी मै मॉम से बोल कर आया हूं कि चाहे कुछ भी हो लेकिन मैं शादी नही करूंगा और उस आयु से तो बिलकुल भी नहीं।"
ये कह कर वहां से चला जाता है जिस के बाद आदि खुद से कहता है।
" ये आयु तो जय से भी डेंजरस है यार! इतना कुछ जानने के बाद मुझे नहीं लगता कि आयु इतनी आसानी से जय को छोड़ देगी।"
वही कुछ दिनो बाद
जय गुस्से में मंडप पे दुल्हा बन आयु के साथ कर बैठा हुआ था। जो आ बेहद खूबसूरत लग रही थी और खुश भी क्योंकि आज उस की शादी जय से हो रही थी जो उस का सपना था।
खुश तो विक्रम और दिशा भी हो रहे थे तो वही जय मुंह बना कर खड़ा हुआ था।
पंडित जी के मंत्र और कुछ रस्में और फेरे ओर वादे के साथ जय ओर आयु एक बन्धन में हमेश के लिए जुड़ जाते हैं। दोनो की शादी हो चुकी थी।
इसलिए जय आयु के साथ मिल कर विक्रम और दिशा का आशीर्वाद लेने लगते हैं कि तभी वहां पर रात्रि आ जाती है और एक दम से आयु के पास आकर उसे गन प्वाइंट कर लेती है।
जिसे से सभी हैरान हो जाते हैं और वही जय भी। क्युकी रात्रि जय की एक्स गर्लफ्रेंड थी जिसे जय अब वो
रात्रि जय को देख कर गुस्से में कहती हैं।
तुम मुझे छोड़ कर किसी से भी शादी कर लेंगे तो मैं ऐसे ही चुप चाप देखती रहूंगी। नहीं जय तुम मेरे हो और मेरे ही रहोगें। इसलिए इस लड़की ( आयु) को मरना ही होगा।
ये कह कर रात्रि गन के ट्रिगर को आयु की तरफ चला ही रही थी कि तभी जय एक दम से आ कर रात्रि के हाथ से पकड़ कर हवा में उठा लेता है और गोली हवा में चली जाती है।
वही आयु तो गोली की तेज आवाज सुन कर डर कर अपने दोनो हाथो को कान में रख देती है।
वही रात्रि गुस्से में जय को देखती है और उसे कुछ कहती तभी दिशा जोर से रात्रि के गाल पर थप्पड़ जड़
देती है। जिस से रात्रि का चेहरा एक तरफ़ झूक जाता है
"तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरी बेटी को जान से मारने की? खुद को समझती क्या हो तुम हां। आज जो हरकत तुम ने करी है न उस के लिए मेरा मन कर रहा है तुम्हारी जान लेंलूं।" दिशा ने गुस्से में रात्रि से कहा।
वही दिशा अब जय को देख ने लगी जो उसे खुद गुस्से में घूर रहा था।
"जय मैं तो...." रात्रि ने इतना ही कहा था कि तभी जय उसे गुस्से में कहता है।
"पहले बस मुझे तुम से नफरत थी! लेकिन अब तो मुझे तुम से घिन आ रही है तुम किसी की जान भी ले सकती हो। ओर वो भी मेरी आंखों के सामने!!! अच्छा हुआ मुझे सही समय पर सच का पता चल गया था। ताकि मैं तुम जैसी लड़की के साथ मैं भी बुरा बन जाता। चली जाओ यहां से ओर आज के बाद अपनी शक्ल मत दिखाना वरना मैं तुम्हे छोडूंगा नहीं!"
वही रात्रि अब जय की बात से हर्ट हो कर गुस्से में वहां से जा रही थी कि तभी एक दम से वीर उस के सामने आ जाता है। जिसे रात्रि गुस्से में उसे इग्नोर कर के जाने लगती है कि तभी उस के सामने पुलिस खड़ी हो जाती है। जिसे रात्रि हैरान हो जाति हैं।
ओर तभी पीछे मुड़ कर वीर को देखती है जो इविल स्माइल कर रहा था।
तभी वीर उसे कहता है। सीतुम्हे क्या लगता था कि इतना बड़ा कांड कर के तुम इतनी आसानी से चली जाऊंगी और हम तुम्हे जाने देंगे। इसलिए तुम्हे तुम्हारे ससुराल वाले तुम्हे तुम्हारे ससुराल तक छोड़ने के लिए आए हैं।"
ओर ये कह कर वीर उसे बाय कर के चला जाता है।
वही रात्रि को पुलिस अपने साथ लेकर चली जाती है।
वही वीर जैसे ही मंडप पर आता है तो हैरान हो जाता हैं क्योंकि जय आयु को घूर रहा था और वही आयु रोते हुए दिशा के पीछे छुपी हुईं थी।
जिसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था इसलिए वो वही खड़ा बाते सुनने लगा।
"आयु ये कोई खेल नहीं है समझी ओर वैसे भी तुम्हे शौंक चढ़ा था मुझ से शादी करने का।" जय ने आयु से कहा।
"हां चढ़ा था लेकिन मुझे क्या पता था कि तुम्हारी वजह से आज मैं मर जाती। मुझे नहीं रहना तुम्हारे साथ। मुझे डाइवोर्स चाहिए। कही फिर से तुम्हारी कोई गर्लफैंड आ गई तो मुझे फिर से मारने की कोशिश करेगी।" आयु ने रोते हुए दिशा के पीछे से आ कर जय के सामने आ कर कहा ओर तभी आगे दिशा के पीछे फिर से छुपने जाने लगती है।
तभी जय उसे पकड़ कर गोद में उठा लेता है। जिस से
आयु हैरानी से जय को देखती है जो उसे देख कर डेविल स्माइल कर रहा था।
ओर तभी जय आयु को उठा कर वहां पर ले कर अपने साथ चला जाता है।
जिसे जाते हुए देख कर विक्रम और दिशा मुस्कराने लगे और वही वीर उन दोनो के पास आते हुए मुंह बना कर कहता है।
"मॉम डैड आप दोनो को आयु के लिए ब्रो ही क्यों उस के सही लाइफ पार्टनर लगे! क्या आप को अपना दूसरा बेटा नजर नहीं आया। मेरी सब से प्यारी दोस्त की शादी ब्रो से कर दी।"
"क्योंकि बेटा आयु ओर जय दोनों एक दूसरे को बचपन से पसंद करते हैं और दोनो एक दूसरे को लिए परफेक्ट हैं।
ओर तुम फिक्र मत करो तुम्हारी शादी के लिए अभी वक्त है समझे तो तुम्हे अपनी पढ़ाई ओर फ्यूचर के बारे में सोचो।" विक्रम ने वीर से कहा।
वही दूसरी तरफ
जय के कमरे में आयु जय के सामने खड़ी हुई थी। जिसे देख कर जय पहले आयु को घूर रहा था लेकिन तभी आयु को अपने सीने से लगा कर आंखे न कर के कहता है।
" आयु मुझे माफ कर दो। की मैने तुम से बहुत रुड बिहेव किया था। लेकिन मैं तुम्हे कभी भी भूला नही है क्योंकि तुम मेरा पहला प्यार था।"
"ओर वो लड़की? " आयु ने उसे देख कर पूछा।
जय मुस्करा कर आयु के माथे को चूम लेता है और उसे कहता है। वो बस मेरी गलती थी जिसे देख कर मैं तुम से ओर तुम्हारे प्यार से दूर रहा लेकिन देखो न तुम्हारा प्यार कितना प्यार ओर सच्चा है कि हम दोनों एक हो गए। तुम मेरी पत्नी बन गई जिस के साथ अब मैं हमारी आने वाली जिंदगी प्यार से बिताना चाहता हूं।"
"तुम सच बोल रहे हों न!"आयु ने एक बार कन्फर्म करते हुए पूछा।
"बिल्कुल सच" जय ने आयु को बाहों मे भरते हुए कहा।
जिस से आयु मुस्करा कर जय की बाहों मे खुद को समा लेती हैं। ओर अपनी आने वाली जिंदगी जय के साथ कितनी प्यारी होने वाली है इस का एहसास भी आयु को हो चुका था क्युकी आयु को उस का प्यार और उस का जय मिल चुका था।
बस यही तक था इस प्यारी सी कहानी का सफर!!!
मिलते हैं फिर से एक नई कहानी के साथ
कहानी पसन्द आई है तो अपने राय जरूर दीजिए।
ओर बेहद धन्यवाद शब्द कुसुम का जिन्होंने ने मुझे ये मौका दिया इतनी प्यारी सी कहानी लिखने का।
धन्यवाद 🙏 🙏 🙏 🙏
Author KT Girl.......
To be continue ------ 📖
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