2 2 5783 2 5783 माँ जगदम्बा! चैत्र मास वासंतिक आया , शुभारम्भ है खास।तेजस स्वरूप माँ जगदम्बा, जागी मन में आस।।खल संहारक मात भवानी, देना निर्भय दान।भारत भू का हर बाशिंदा, पाएं जग में मान।।स्वरचित तथा मौलिक,कुसुम अशोक सुराणा, मुंबई, महाराष्ट्र। Label Directed by द्वारा कुसुम सुराणा Shared30 Mar 2025 Start 29 Mar 2025 End 29 Mar 2030 The Critic’s Corner इस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें Yuvit Sonu Jain 26-Oct-2025 Comment Like बिल्कुल दिल को छू लेने वाली रचना Yuvit Sonu Jain 14-Apr-2026 Comment Like वाह! ❤️❤️ माँ जगदम्बा! © टिप्पणी 400 characters remaining जमा करें रद्द करें