महाकुंभ मेला प्रेम, भक्ति हैं महाकुंभ मेला।
गौरवशाली मंगल रेला।।
सब मिल आओ सफल बनाये।
परम भक्ति की ज्योत जलाये।।

स्वरचित मौलिक रचना 
चंचल जैन
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