गर्मी से हैरान/आंधी तूफान से परेशान

विधा दोहें 

#दिनांक;२०/०५/२६




चले तेज लू आंधियां, पड़े जोर का ताप।

मुश्किल में खग मनुज पशु,  गर्मी पडे़ अमाप।१।


देती हैं संताप दुख, अति गर्मी का कोप।

कर देती बीमार ये, हुआ पवन का लोप।२।


गुजारना है अति कठिन, देखो यह दिन रैन।

गर्मी से बदहाल हम, मन को मिले न चैन।३।

तेज  तूफान से कई, उजड़े कस्बे गाॅंव।

अति वर्षा क्या काम की,डूबा देती नाव।४।


सूरज की गर्मी बढ़ी, उपर से तूफान।

जाएं तो जाएं कहाॅं, मुश्किल में है जान।५।


नहीं  ठीक से खा सके, भोजन या पकवान ।

पी पी कर कितना पिएं,शीतल‌ शरबत पान।६।





स्वरचित:अशोक दोशी 



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