सवाल
कर्म साधन तो साध्य है क्या!
जन्म है जीवन तो मृत्यु है क्या!

न अर्थ पता है न ध्येय पता है 
न हीं पता है जीवन का उद्देश्य
कभी तो अतीत में जाकर देखो
क्या छोड़ आये हो और क्या संजोया
कभी तो पीछे मुड़कर देखो
क्या खो आये हो और क्या पाया

न कोई शब्द पता है न कोई अर्थ
खोये हो कल्पनाओं में यूं ही व्यर्थ
यदि नाम भी हो जाये मशहूर
तो क्या करोगे इस मद में चूर

एक दिन सब भूल जायेंगे
कभी इतिहास को देखो
जो लिखा हुआ है, तो क्या!
कुछ परिवर्तन हुआ भी, तो क्या!
जीवन अपना है और केवल अपना है।
यदि सपना है तो भी अपना है।
 
आनंद और खुशी भरो इसमें
संशय का न हो कोई नाम
इस स्वप्न सराभोर जीवन में
झगड़ों का क्या है काम 

प्रेम और दया से जीना सीखो!
घुल मिल कर है रहना सीखो!

द्वारा Kapil Tiwari
Shared28 Nov 2025
Start 27 Nov 2025
End 27 Nov 2030
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