कारगिल विजय दिवस की लख लख बधाईयाँ! शहीदों की स्मृतियों को कोटि कोटि वंदन! जयहिन्द!! माँ भारती के वीर शहीदों! नमन तुम्हें है बारम्बार!
जननी जन्मभूमि के बन्दों!  ऋणी तुम्हारा सारा संसार!

रत्नगर्भा कोख के जाये, बाल, पाल ,लाल क्रन्तिकारी प्यारे,
अंग्रेजों के छुड़ाएं छक्के,असि-मसि से किए वारे-न्यारे!

माँ भारती के वीर शहीदों! नमन तुम्हें है बारम्बार!
जननी जन्मभूमि के बन्दों! ऋणी तुम्हारा सारा संसार!

कुंवर बाँध पीठ, चढ़ अश्व पर, रणचंडी ने भरी हुंकार , 
'मेरी झाँसी नहीं दूंगी', बगावत के भड़क उठे अंगार!

माँ भारती के वीर शहीदों! नमन तुम्हें है बारम्बार!
जननी जन्मभूमि के बन्दों! ऋणी तुम्हारा सारा संसार!

अठारह सौ सत्तावन की आंधी में बगावत की जली मशाल,
अंग्रेजों से भिड़े रणबांकुरे, शहादत से हुई धरा लालम लाल! 

माँ भारती के वीर शहीदों! नमन तुम्हें है बारम्बार!
जननी जन्मभूमि के बन्दों! ऋणी तुम्हारा सारा संसार!

अरावली के दर्रे-दर्रे में, गूँजे महाराणा प्रताप की गाथाएं!
सह्याद्री के जर्रे-जर्रे में, गूँजे शिवबा की शौर्य  ऋचाएं!

माँ भारती के वीर शहीदों! नमन तुम्हें है बारम्बार!
जननी जन्मभूमि के बन्दों! ऋणी तुम्हारा सारा संसार!

स्वतंत्रता के अरुणोदय का साक्षी हैं फाँसी का फंदा!
भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव! रत्नगर्भा माँ भारती का बन्दा!

माँ भारती के वीर शहीदों! नमन तुम्हें है बारम्बार!
जननी जन्मभूमि के बन्दों! ऋणी तुम्हारा सारा संसार!

'हिन्दी-चीनी, भाई-भाई' का भ्रम फैला दिया दगा पड़ोसी ने,
मिचमिची आँखोंवालों ने भोंका खंजर जन- गण के पीठ में!

माँ भारती के वीर शहीदों! नमन तुम्हें है बारम्बार!
जननी जन्मभूमि के बन्दों! ऋणी तुम्हारा सारा संसार!

कारगिल या गलवान, पाकिस्तानी-चीनी, आतंकी-जल्लाद!
जान पर खेले जाँबाज, माँ पर निछावर हजारों सज्जाद!

माँ भारती के वीर शहीदों! नमन तुम्हें है बारम्बार!
जननी जन्मभूमि के बन्दों! ऋणी तुम्हारा सारा संसार!



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  • मनमोहक शब्दों से बयाँ करते सुन्दर ! बधाई