पेड़ लगाओ
पेड़ लगाओ यहां वहां,
हरियाला हो सारा जहां।।

बरसे सावन झूम-झूम,
सृष्टि रूप सजे अनुपम।।

चंचल जैन
इस पर लोग क्या कह रहे हैं