टूटे हुये मन को जोड़ना
आसान नहीं होता...
न जाने कितनी कश्मकश
देखी होगी इस टूटे हुये मन ने
कभी चाह कर भी
मुंह को मोड़ना
आसान नहीं होता
इस टूटे हुये मन को जोड़ना
आसान नहीं होता...
कैसे कह दे कितने बिखर गये है
कि किसी के विश्वास को
न चाहते हुये भी तोड़ना
आसान नहीं होता
इस टूटे हुये मन को जोड़ना
आसान नहीं होता...
उम्मीद की इस राह में
न जाने कितने सपने टूटे
इन टूटे हुए सपनों को
न चाहते हुए भी छोड़ना
आसान नहीं होता
इस टूटे हुये मन को जोड़ना
आसान नहीं होता...
हर एक शक्स मे
छुपी होती है भावना
इन भावनाओं को संजोकर
न चाहते हुए भी सिकोड़ना
आसान नहीं होता
इस टूटे हुए मन को जोड़ना
आसान नही होंता।