हास्य – व्यंग्य

आकाशवाणी पर छोटी बहन की बाल-कविता की प्रस्तुति थी। आकाशवाणी की उद्घघोषिका ने बहन को इन पंक्तियों से निमंत्रित किया, "अब आपके सामने एक बालिका अपनी कविता प्रस्तुत करेगी" बहन मन ही मन मुस्कुरा कर रह गई! ...
शीर्षक : मैं बावरा... बीबी आई जब से घर में, हँसी गया मैं भूल! हिम्मत नहीं, किसी को भी दूँ गेंदे का भी फूल! शादी के लड्डू खाने दिल दीवाना था अभिभूत, शादी के बाद मैं भूला&#...
शीर्षक : प्यार भी क्या बला है.... प्यार भी क्या बला है,कभी ऑनलाइन, कभी ऑफलाइन वाला चुटकुला है!शोडशी समझ लुटाया दिल,वह षष्ठी पार 'बाला' है...जिसके 'वर्चुअल बांहों' में बिताई चांदनी रात, वो खाँसता...
काश! अपुन का बाप भी...... पक्या! आज अपुन को बहुत ठगा-ठगा महसूस हो रहेला है! ये कब तक जेल की रोटियाँ तोड़ते रहेंगे रे बाबा? काश! अपुन का बाप भी...... देश का नामी -गिरामी नेता होता ....अर...