कहानियां My adventure novel: hero kon द्वारा - KUMKUM KUMARI4 months ago इस कहानी की शुरुआत एक पुरानी डायरी से होती हैं जिसमें एक छोटा लड़का राहुल ओर उसके पिता समीर के question answer or boder ki thandi hawa ret ki garmi dhup or सियाचीन ki बर्फीली rato ki charche है यह कहा... Like1pts (1) Comment तेरी चाहत यह मुकाम दे गई... द्वारा - Govind Pandit7 months ago ऑफिस के लिए निकलते हुए शशांक ने मेरे गालों पर एक प्यारा-सा चुंबन अंकित कर दिया। उनके प्यार भरे छुअन से मेरे सम्पूर्ण बदन में एक सिहरन की लहर दौड़ ... Like1pts (2) Comment (1) मौन और उसका महत्त्व द्वारा - SUSHIL JOSHI12 months ago किसी ने कहा है “मन तो है भिखमंगा ,सदैव माँगना ही है उसका धंदा” इस उक्ति से हमें क्या पता चलता है की, की हमारा मन सदैव किसी चीज की अभिलाषा करता रहता है । ऐसा क्यूँ होता है आप को पता है क्यों ... Like1pts (3) Comment (3) आत्मसाहस द्वारा - Manthan Deore12 months ago खिलखिलाता हुआ भानुमती का चेहरा पिछले कई दिनों से उदास था। हमेशा दूसरों के चेहरे पर मुस्कुराहट लाने के लिए न जाने क्या- क्या नहीं करती? और आज उसे जब सबके साथ की जरूरत थी तो संभालने वाला कोई नहीं था शाय... Like1pts (2) Comment (4) फिर वह कौन था.... द्वारा - चंचल जैन1 year ago तो फिर वह कौन था...सोलह शृंगार कर अपने साजन से मिलने व्याकुल कामिनी नदिया तट पर कौशल का इंतजार कर रही थी।कौशल उसका पडोसी है। बचपन से प्रिय दोस्त। यौवन की दहलीज पार करते दोनों एक दूसरे को कब चाहने लगे,... Like1pts (1) Comment (2) अधूरा इश्क - अनोखी शर्त द्वारा - Manthan Deore1 year ago रिधिमा आज बहुत खुश थी, इतने सालों की मेहनत जो रंग आयी थी। अपने पिता से किया हुआ वादा उसने पूरा कर लिया था। वह शर्त जिसके कारण उसका प्रेम बहुत दिनों तक दूर रहा, आज उसे मिलने वाली थी रिधिमा। जिंदगी भी अ... Like1pts (1) Comment (2) दूरियाँ द्वारा - MANTHAN DEORE1 year ago तानिया क्या तुमने इस बच्चे को देखा न जाने कहाँ पड़ा रहता है, जब - जब मैं उसे बुलाता हूँ कोई न कोई बहाना मारकर भाग जाता है.. कमलेश ने घर आते ही बच्चे के बारे में बिवी से पूछा। अब कुछ बताओगे भी या ... Like1pts (3) Comment (2) मासूम जिन्दगी द्वारा - MANTHAN DEORE1 year ago रवि ने अभी- अभी दसवीं पूरी कर ली थी। अपने प्रदेश में उसने जिले में टॉप किया था। अपने चाचा के लड़के को देखकर ही उसे इंजीनियर बनने का ख्वाब मन में आने लगा था। उसने इस विषय के बारे में अपने भाई से चर्चा ... Like1pts (2) Comment प्यासे रंग द्वारा - MANTHAN DEORE1 year ago जब जब उसे देखता हूँ तो मुझे अंजली की याद आ जाती है, बिल्कुल ऐसी ही तो थी वो, नशीली निली - निली आंखें, घुमावदार घुंघराले काले रंग के बाल, साक्षात उसके जैसी । क्या उससे पूछे कि तुम्हारा नाम क... Like1pts (3) Comment (2) नयी राह द्वारा - MANTHAN DEORE1 year ago दो साल हो चले थे रेहान को इस कंपनी में नौकरी करते हुए, लेकिन अंदर से कुछ कमी - सी महसूस हो रही थी। ऐसा नहीं कि उसने किसी के बहकावे में आकर यह रास्ता अपनाया था किन्तु यहाँ काम करते- करते उसे धीरे- धीरे... Like1pts (3) Comment (2) त्याग द्वारा - MANTHAN DEORE1 year ago मत उठाओ उसे, मत बातें करो उससे। आज उसका आखिरी चरण का इम्तिहान है। मैं नहीं चाहती कि वह मुझे इस हालत में मिले, तुम तो जानती हो कितने कमजोर दिल का है वो .. टिना अपने सिरहाने बैठी दिशा को कहती रही।... Like1pts Comment अनोखा मिलन द्वारा - MANTHAN DEORE1 year ago कितना सहज था उसका यह कहना कि मैं अब तुम्हारे साथ नहीं रह सकता, मैं निबाह नहीं सकता। शुरूआती दौर में तो उसको मेरा साथ न मिला तो छटपटा जाता और शादी के तीन साल होने के पश्चात मुझे छोड़ दिया। क्या मैं सिर... Like1pts Comment अनोखा मिलन द्वारा - MANTHAN DEORE1 year ago कितना सहज था उसका यह कहना कि मैं अब तुम्हारे साथ नहीं रह सकता, मैं निबाह नहीं सकता। शुरूआती दौर में तो उसको मेरा साथ न मिला तो छटपटा जाता और शादी के तीन साल होने के पश्चात मुझे छोड़ दिया। क्या मैं सिर... Like1pts Comment (1) गहरे भाव द्वारा - MANTHAN DEORE1 year ago दो घंटे हो चुके थे, गिरीश को घर आकर लेकिन वह एक स्तब्ध मूर्ती स्वरूप अपने सोफे पर बैठा रहा। घर में सब लोग थे किन्तु गिरीश न जाने कहाँ खोया हुआ था। बेटी रेश्मा, तुम बाहर कोई डरावना सिनेमा ... Like1pts (3) Comment (4) Only in Your Arms द्वारा - KT Girl2 year ago Chapter - 1 सिटी हॉस्पिटल में ``` "आयु बेटा रोना बंद करो बच्चा।ओर अपनी मम्मा से प्रोमिस करो तुम मेरे बिना भी खुश रहोगी। जब भी मुझे मिस करो तो रोना मत क्युकी दिशा आंटी आप का पूरा ख्या... Like1pts (6) Comment (4) Only in Your Arms Chapter 1 द्वारा - KT Girl2 year ago Chapter - 1 सिटी हॉस्पिटल में ``` "आयु बेटा रोना बंद करो बच्चा।ओर अपनी मम्मा से प्रोमिस करो तुम मेरे बिना भी खुश रहोगी। जब भी मुझे मिस करो तो रोना मत क्युकी दिशा आंटी आप का पूरा ख्याल... Like1pts (2) Comment (3) जीवन दीप! द्वारा - कुसुम सुराणा2 year ago दूरदर्शन पर पद्म पुरस्कार अलंकरण समारोह का थेट प्रक्षेपण हो रहा था! सब्जी काटते-काटते मैं कार्यक्रम देख रही थी! तभी एक नाम पुकारा गया! "सुश्री प्रिया परुलेकर, महाराष्ट्र, महिला सशक्तिकरण तथा देवदासी प... Like1pts (6) Comment (4) अंतरिक्ष की सैर द्वारा - चंचल जैन2 year ago अंतरिक्ष की सैरसौमित्र और सखी को हमेशा रोमांचक, साहसपूर्ण सफर अच्छा लगता। कभी दोनों हाथों में हाथ धर पहाडी पर घुमने जाते, कभी घुमावदार रस्ते पर उतार चढाव का आनंद लेते। कभी नदियां की लहरों से खेलते, क... Like1pts (6) Comment (2)12