नादान परिंदा!
नादान परिंदा कहे सहचरी से ......जीवनसाथी! कितनी करीब हो दिल के ?क्या आओगी मेरे साथ आसमान छूने?नील गगन में दीवानों सी उड़ान भरने?काला तिल लगे बादलों की ठूठी छूने?कज़रारे घनों संग लुका-छुपी खेलने?पवन संग ...
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