GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyरोला छंद रोला छंदविषय : मौलिक सपने सुन्दर देख, मनुज तू अपने दम पर।लिख तू अपना लेख, कोशिशों के ही बल पर।।चलना है मनु नित्य, सफ़र रखना तू जारी।लक्ष्य भेद का ध्यास, पार्थ का पड़ता भारी।।स्वरचित तथा मौलिक,कुसुम...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें