चूमेंगे नभ!
चूमेंगे नभ, खयालों के परवाज़!महफ़िल के बादशाह, बेताज!यादों के कारवां का खुशनुमा आगाज़!स्वप्न-विभावरी का चांद है सरताज!सजा लो फूल-पत्तियों से डोली,भीगे आँगन में मांडना-रंगोली!मोतियों से गूंथ लो स्वप्न-...
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