रफ़्तार!
रफ़्तार पकड़, दौड़ती-भागती रेलगाड़ी!फटी थी चोली, चिथड़े-चिथड़े साड़ी,बिखरे बाल, अधरो पर थी खड़ी बोली!छाती से बंधा शिशु, लटक रही झोली!कानों में गूंजती थी कर्कश, तेज आवाज!दौड़ते-भागते, पेड-पौधों का आगाज...
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