GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyकुण्डलिया छन्द कुण्डलिया छन्द!1.मंतर शिव आराधना,भक्ति-शक्ति का वास।याचक करता प्रार्थना, सुखमय जीवन आस।।सुखमय जीवन आस, डोलती आँगन डाली।सावन आया रास, नाचती सुन्दर बाली।।दस्तक पा कर आज, बैठना भोले शंकर।गौरा खोले राज, ब...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें