कुण्डलिया छन्द
कुण्डलिया छन्द!1.मंतर शिव आराधना,भक्ति-शक्ति का वास।याचक करता प्रार्थना, सुखमय जीवन आस।।सुखमय जीवन आस, डोलती आँगन डाली।सावन आया रास, नाचती सुन्दर बाली।।दस्तक पा कर आज, बैठना भोले शंकर।गौरा खोले राज, ब...
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