योग
नमन माँ शारदेसरसी छंदसादर समीक्षार्थ प्रतिदिन जो ध्यान योग करता, पाये सौष्टव लाभ।तन मन सदा उल्लसित रहता, दमके मुख पर आभ।। सुख शांति, आनंद की लहरें, मन सागर सौहार्द। चेतन मन प्रेम-भ...
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