GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodify"खालीपन""खालीपन"जब यह लिख रहा हु तो आँखों मैं आंसू भर आते हैं "खालीपन"जब मेरे दिमाग की नसे अकड़ाने लगे जब ये कम्बखत शरीर मेरा अकड़ने लगे जब ये मासूमियत का उदासियत का चेहरा खुद से मुक्सर हो जाए जब ये मेरी जवानी ...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा Yatharth PuriThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें