GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyसोच ऐसी चाहिए...विषय:अपनी अपनी सोच हैविधा :दोहे अपनी अपनी सोच है, सबके अपने ध्येय।कुछ प्यारे जन सोच से, लोग तुच्छ कुछ हेय ।अपनी अपनी सोच है, सबका अपना काम।रावण की भी सोच थी,सुमित सोच में राम।।समझ सोच...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा अशोक दोषीThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें