संयुक्त परिवार...
दोहा गीतिका!शीर्षक : संयुक्त परिवार का महत्वउंगलियाँ जब पाँच हो, बढ़ती परिजन आस।एकता बनती ताकत , आती  सबको  रास ।।आँधी आई सोच में, रिश्ते सारे गौण।खण्ड-खण्ड अब हो गएँ, घर-परिजन उल्हास।सहनशीलत...
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