GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyदोहावलीजन सेवा की कामना, जीव दया का भान। खिलते फूलों सी महक, मेरी है पहचान।।पायल की छमछम भरे, मन में प्यार दुलार।मनहर नाद निनाद हैं, घुँघरू की झंकार ।।चंचल जैनLabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा चंचल जैनThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें