बारिश की बूंदें
रुमझुम बूंदें झर रही, गाती मीठा गीत।मन धरती का मचलता, पाकर प्रभु की प्रीत।।पाकर प्रभु की प्रीत, सजायी पुष्पित क्यारी।गगरी में भर प्यार, रंग भर ली पिचकारी।।सुंदर मनहर धूप, मोहिनी बांधे फूंदें।बादल, बिज...
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