रंग दो...
रंग दो ननदी मेरी सुनी सुनी हथेलियाँ मेहंदी से लिख दो प्रीत की पहेलियाँ!टेसू के फूलों से रंग दो मेरी चुनरियाँ,फूलों की पंखुड़ियों से सज़ा दो गालियाँ!हल्दी-उबटन से महका दो अंग-अंग!माँ भारती! लाल के ...
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