GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyरंग दो...रंग दो ननदी मेरी सुनी सुनी हथेलियाँ मेहंदी से लिख दो प्रीत की पहेलियाँ!टेसू के फूलों से रंग दो मेरी चुनरियाँ,फूलों की पंखुड़ियों से सज़ा दो गालियाँ!हल्दी-उबटन से महका दो अंग-अंग!माँ भारती! लाल के ...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें