ये प्यार ही तो ज़िन्दगी... भाग 5
भाग ५सूरज की सुनहरी किरणों ने वैदेही के गालों को थपथपाया तब कहीं वैदेही आँखें मलते-मलते उठ कर बैठ गई! माँ! कहा हो तुम माँ..वह बोल पड़ी... रसोई घर से आती माँ को देख वैदेही बहुत खुश हुई..कितने दिनों...
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