स्वतंत्रता की देवी!
शीर्षक: स्वतंत्रता की देवी! स्वतंत्रता की देवी!क्यों अटके अश्क पलकों में,क्यों नयनों में नीर?क्यों सूखी गुलाब पंखुड़ियां,क्यों अधर अधीर?क्यों नि:शब्द रुणझुण पायल,क्यों होंठ मूक...
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