ये प्यार ही तो ज़िन्दगी... भाग ७९
भाग ७९सूरज पश्चिम की ऒर सरकने लगा था मानों कान्हा को देख राधा की वक्ष से ढलती चुनर। आसमान कुछ पलों के लिए क्रोध से लालम-लाल हो गया लेकिन धीरे-धीरे चिंता महाठगनी के आँचल के भीतर छुपने लगा। प्रकृति उसकी...
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