ये प्यार ही तो ज़िन्दगी.... भाग ६
भाग ६चहूँऒर घना कोहरा छाया हुआ था... वैदेही नर्म रजाई लपेट आज इत्मीनान से सोई हुई थी! माँ ने उसे जगाना उचित नहीं समझा और अपने काम में व्यस्त हो गई! सुनहरी धूप में गुटर-गूं करते, दाना चुगते कबूतरों की ...
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