GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyनारी!किशोर छन्द...थाम तिरंगा खड़ी विश्व में, नारी है।भारत की बेटी का जलवा, भारी है।अबला कहने वाले हारें, यारी है।दुश्मन की बन काल नहीं रण, हारी है।।सिंह सवारी करती दुर्गा, आयी है।जगत मनुज हित सारी खुशियाँ, ...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें