नारी!
किशोर छन्द...थाम तिरंगा खड़ी विश्व में, नारी है।भारत की बेटी का जलवा, भारी है।अबला कहने वाले हारें, यारी है।दुश्मन की बन काल नहीं रण, हारी है।।सिंह सवारी करती दुर्गा, आयी है।जगत मनुज हित सारी खुशियाँ, ...
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