GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyशब्दांजलिसम्राज्ञी सुर लय की आशा।तोडा आतम तन का पाशा।।सूना साज मन निराशा रे।हैं श्रद्धावनत हताशा रे।।चंचल जैनLabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा चंचल जैनThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें