महंगाई की मार, आम आदमी बेजार
डस गई है नागिन, मची चीख-पुकार।महंगाई की मार, आम आदमी बेजार।।अन्नदाता के पीठ पर, पड़ी कोड़ों की मार।हालात के आगे, कृषक ने मानी हार।। कोविड की महामारी, कर गई प्रहार।प्रकृति से छेड़खानी, छीन गई बहार।।म...
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