अंजनेय छंद आधारित रचना
नमन मा शारदे 🙏🙏अरुण छंद, गीत सादर समीक्षार्थ! विघ्न का , दम्भ का, अन्त खल राज का।होलिका, नित दहन, सच अटल आज का।। चल-अचल, वस्तु का, मोल है भोग से।हो दवा&#...
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