प्रेम दीवानी
झुकी-झुकी पेड़ों की डालियाँ, मोतियों सी धान की बालियाँ, लदी-लदी सूरजमुखी की टहनियाँ, खिली-खिली गुलाब की पंखुडियाँ, सृष्टी को दिलों-जाँ से जता रही हैं प्यार..... अच्छा लगता है। सुध-बुध खो चूका पूर...
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