अंतरिक्ष की "कल्पना"....
अंतरिक्ष की "कल्पना" मैं या कल्पना का अंतरिक्ष! ब्रह्मांड में समाऊ या प्रज्वलित करू ब्रह्म ज्ञान दीप! हिमशिखरों का मुकुटमणि या नभ का उतुंग भाल! क्षितिज का स्वर्णिम छोर या पृथ्वी का तेजोमय कपाल! ...
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