GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyगाये फागनटखट मोहन, गोपी करते, होली का हुडदंग।धूम मची देखो गोकुल में, कान्हा बरसाये रंग।।प्रीत रंग में रंगे सारे, नवल रूप रच स्वांग।अलबेली ऋतु प्यारी, न्यारी, आओ गाये फाग।।LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा चंचल जैनThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें