GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyमन वाकिफ नहीं हूं इस मन सेकहीं ठहरता नहीं, न ठहरने देतासोचता भी हूं तो इस मन सेन कुछ करता है न हीं करने देता। कहता है कि मुझे खुश रखोऔर तरीके स्वयं ही बताता हैकहता है तू मेरा गुलाम हैऔर सारा दिन मुझ...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा Kapil TiwariThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें