विश्व हिन्दी दिवस!
हिन्दी.....माँ गंगा-भागीरथी का लहराता आंचल,बहती ज्ञान-सरिता, निर्मल, कलकल,सागर से मिलने अधीर, पल-पल,झर-झर झरे जर्रे-जर्रे में रुधिर चंचल!मातृभूमि की धड़कन अविचल,अहर्निश नाद-ब्रह्म, ॐकार सकल!हिन्दी.......
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