GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyदिल चाहता है...प्यार के रंगप्रतियोगिता के लिए (7)दिल चाहता है...दिल पर कहां होता है किसी का पहरा,कौन रोके सके उडते बादल आवारा?मन की पांखें जो भरने लगी ऊंची उड़ान,छू लेती नभ को, पा लेती अपना आसमान।।दिल चाहता है...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा चंचल जैनThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें