हमराही
हमराहीसुख-दुख आये जाये, साथी साथ निभाना।विपदा में हमराही, संबल बनकर आना।।रंग बदलते रिश्तें, अपने बनते स्वार्थी~महती जब हो पैसा, पूजे देख जमाना।। स्वरचित मौलिक रचना चंचल जैनमुंबई,  महारा...
पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े