आज करूं मैं आरती तेरी
करूं आज मैं आरती तेरीधर के घृत मन दीपतेरे चरणों में शीश झुकाऊं,-2रख मोहे चरण समीपहे जी रे मैनें -२नत ननौं  में ,नेह लिया संजोए है जी रे प्रभु , दर्श दीवाना तेरा तुझमें गया  हूँ खोए...
पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े