दोहे!
भवन नया है देख लो, लोकतंत्र का दीप।संसद सक्षम देश की, सांसद मोती सीप।।जन गण प्रतिनिधि हैं सभी, जनता की आवाज़।अरि विरुद्ध है गूँजता, खल रोधक आगाज़।।भारत जिसमें हैं बसा, आलय सुंदर जान।सभी कर्तव्य जानते, र...
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