आनंदोत्सव!
संक्रांति, पोंगल, लोहड़ी, माघ बिहू। खेत-खलिहान में गाए गीत पिहू।। महके चंपा, बेला, जूही, महुआ बहु। ऋतु बसंत में सूर्य का ताप सहु।। दिनकर है उत्तरायण का राही। खड़...
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