फिर शुरू की है
उठ के अपनी जिंदगानी फिर शुरू की हैआज से अपनी कहानी फिर शुरू की हैफिर से अपना ये कदम मैंने बढ़ाया हैएक तीर को फिर चाप पर मैंने चढ़ाया हैफिर से लक्ष्य पर मेरी निगाहें अड़ गई है अबइसको बेध जाने की ललक भी...
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